Saturday, March 2, 2024
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Homeहमारा नेतादिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नहीं मनाएंगे होली

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नहीं मनाएंगे होली

साथियों के जेल में होने से घर पर लगाएंगे ध्यान

विशेष संवाददाता

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस बार होली नहीं मनाएंगे. केजरीवाल अपने दो सहयोगी मनीष सिसोदिया और सतेंद्र जैन के तिहाड़ जेल में बंद होने से काफी आहत हैं. उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने कहा कि वे काफी दुखी हैं देश की स्थिति चिंताजनक है. जिन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए अब तक का सबसे बेहतर काम किया उन्हें सजा मिली है. इसलिए इस बार भी होली में वे ध्यान लगाएंगे वे ईश्वर से प्रार्थना करेंगे कि देश के हालात बदले.

उन्होंने दिल्ली की जनता से अपील की है कि वह रंगों के त्योहार होली को मनाने के बाद देश के मौजूदा हालात को देखकर वह भी ध्यान लगाएं व ईश्वर से प्रार्थना करें. मंगलवार को अरविंद केजरीवाल ने अपने निवास से डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया और कुल 2 मिनट 33 सेकंड में अपनी यह बात कही.

उन्होंने ट्वीट भी किया और लिखा- जिस देश के प्रधानमंत्री लोगों को अच्छी शिक्षा और अच्छा इलाज देने वालों को जेल में डालें और देश को लूटने वालों का साथ दें उस देश की स्थिति बेहद चिंताजनक है. वहां आम लोगों के लिए काम करने वाला और उनकी सुनवाई करने वाला कोई नहीं बचता. केजरीवाल देश की भलाई के लिए होली पर ध्यान लगाएंगे साथ ही उन्होंने लोगों से भी साथ जुड़ने की अपील की.

उधर आम आदमी पार्टी के नेता भी इस वर्ष सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी को लेकर होली नहीं मनाएंगे पार्टी के वरिष्ठ नेता दीपक वाजपेयी ने भी अपने दोनों नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर कहा है कि होली पर मन बहुत उदास है सत्येंद्र भाई और मनीष के बारे में सोचकर विचलित हूं. उनके परिवार से बात करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता हूं. कौन अपना जीवन दांव पर लगाएगा कभी देश के लिए निराश हूं.

बता दें कि रविवार को मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी को लेकर विपक्ष के नेताओं ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था. विपक्ष के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग पर देश के नौ विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखी थी. इसमें नेताओं ने केद्रीय जांच एजेंसियों ईडीसीबीआई और अन्य एजेंसियां के खुलेआम दुरूपयोग की निंदा की थी. पत्र में लिखा गया था कि मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी को दुनिया भर में एक नकारात्मक राजनीति के उदाहरण के रूप में उद्धृत किया जाएगा. आज दुनिया यह संदेह कर रही है कि भारत में अधिनायकवादी भाजपा शासन के तहत देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को खतरा है. इसके अलावा पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों में सरकार के कामकाज में राज्यपाल का हस्तक्षेप बढ़ रहा है. जिसके कारण केंद्र और राज्यों के बीच दूरियां बढ़ रही है.

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