Monday, February 26, 2024
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केजरीवाल शराब घोटाले के सूत्रधार हैं, जज बनने की कोशिश न करें: बिधूड़ी

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हजारों करोड़ रुपए के शराब घोटाले के सूत्रधार हैं लेकिन अब सीबीआई की जांच की आंच उन तक पहुंची है तो वह अपने आपको अभियुक्त की बजाय जज समझने लगे हैं। वह स्वयं को सबसे बड़ा ईमानदार बता रहे हैं और अपने पूरे गैंग को निर्दोष करार दे रहे हैं। बिधूड़ी ने केजरीवाल से कहा है कि वह खुद फैसला सुनाने की बजाय यह काम अदालत को करने दें।

शनिवार को केजरीवाल द्वारा प्रेस कांफ्रेंस में किए विलाप पर बिधूड़ी ने कहा है कि मुख्यमंत्री अपने आपको दुनिया का सबसे ईमानदार आदमी करार दे रहे हैं जबकि उनके भ्रष्टाचार की पोल अब पूरी दुनिया के सामने खुल चुकी है। वह न सिर्फ अपने आपको निर्दोष करार दे रहे हैं बल्कि मनीष सिसोदिया और बाकी नेताओं के बारे में भी कह रहे हैं कि उन्हें गलत फंसाया गया है। सच्चाई यह है कि इससे पहले भी वह अपने उन साथियों को बेकसूर बताते रहे हैं जो जिन्हें बाद में अदालत ने दोषी करार दिया है। उनके कानून मंत्री रहे जितेंद्र तोमर की डिग्री नकली पाई गई जबकि वह कह रहे थे कि जितेंद्र तोमर की डिग्री असली है और मैंने वह चैक कर ली है। उनके बेकसूर साथियों में तत्कालीन मंत्री संदीप कुमार भी हैं जिन्हें एक महिला के साथ बलात्कार के आरोप में पकड़ा गया था। वह सत्येंद्र जैन को भी निर्दोष बताते रहे हैं जबकि एक साल से कोई अदालत उनकी जमानत भी नहीं ले रही। मनीष सिसोदिया के बारे में तो अदालत ने टिप्पणी की है कि वह शराब घोटाले के आर्किटेक्ट हैं। केजरीवाल सरकार के 8 साल के शासन में 6 मंत्रियों को इस्तीफा देना पड़ा है।

बिधूड़ी ने कहा कि ईडी या सीबीआई की जांच पर सवाल उठाने का केजरीवाल को कोई अधिकार नहीं है क्योंकि जो भी सबूत हैं, वे अदालत के सामने पेश किए गए हैं। सिसोदिया के फोन, शराब घोटाले में पकड़े गए अभियुक्तों के बयान या इस मामले में अन्य सभी तथ्यों का फैसला तो अदालत ने करना है। केजरीवाल को तो इस मामले की जांच में पूछताछ के लिए बुलाया गया है लेकिन वह जज की तरह सारे सबूतों को गलत बता रहे हैं और सभी को बरी करते नजर आ रहे हैं। यह काम अदालत का है और अदालत पर छोड़ दिया जाना चाहिए।

बिधूड़ी ने कहा कि जांच के लिए बुलाए जाने पर केजरीवाल जिस प्रकार का व्यवहार कर रहे हैं, उससे लगता है कि वह जांच से बचने की कोशिश कर रहे हैं और बौखला गए हैं। अगर वह ईमानदार हैं और उन्होंने कोई भ्रष्टाचार नहीं किया तो फिर वह घबरा क्यों रहे हैं। उन्होंने केजरीवाल को सलाह दी है कि कानून को अपना काम करने दें और इस तरह की बचकानी बातों से बचें क्योंकि इससे जनता की समझ में सब कुछ आ रहा है।

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