Tuesday, February 27, 2024
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Homeहमारी दिल्लीएलजी द्वारा सीएम को लिखा पत्र लीक होने का मामला विशेषाधिकार समिति भेजा गया

एलजी द्वारा सीएम को लिखा पत्र लीक होने का मामला विशेषाधिकार समिति भेजा गया

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र में उपराज्यपाल पर सत्तापक्ष के सदस्य जमकर बरसे। सत्तापक्ष के सदस्यों ने कहा कि उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना का सोमवार को विधानसभा सत्र बुलाये जाने पर आपत्ति जताना सदन का अपमान है और यह उनके संवैधानिक पद के अनुरूप नहीं है। सत्तापक्ष के सदस्यों ने सत्र बुलाने पर एलजी की आपत्ति और उनके द्वारा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लिखी गई चिट्टी मीडिया में लीक होने पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने न सिर्फ उन्हें कठघरे में खड़ा किया बल्कि उनकी कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगाए। सदन का संचालन कर रही विधानसभा उपाध्यक्ष राखी ने सत्र बुलाने को लेकर एलजी की आपत्ति एवं उनके द्वारा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लिखी गई चिट्ठी मीडिया में लीक होने का मामला जांच के लिए विशेषाधिकार समिति को भेज दिया। उन्होंने इस आशय की संभावनाएं तलाशने को भी कहा है कि क्या इस मामले में एलजी को समन भेजा जा सकता है एवं क्या एलजी को विशेषाधिकार समिति के सामने पेश होने के लिए कहा जा सकता है। गौरतलब है कि विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई और अध्यक्ष की अनुपस्थिति में सदन की अध्यक्षता उपाध्यक्ष राखी बिड़ला ने की। सबसे पहले सदन में शोक प्रस्ताव प्रेश किए गए जिसमें लोगों की मौत पर सदन में शोक जताया गया। इसके बाद सत्तापक्ष के सदस्य संजीव झा ने दिल्ली सरकार द्वारा मौजूदा सत्र बुलाए जाने में उपराज्यपाल द्वारा प्रक्रियागत खामियों पर चिंता जताने का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल की आपत्ति सदन का अपमान है। झा ने कहा कि उपराज्यपाल मंत्री परिषद की सलाह पर ही सदन को कोई संदेश भेज सकते हैं। अगर उपराज्यपाल को संविधान की समझ नहीं है तो उन्हें कानून तथा संविधान के मामलों पर किसी विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। संजीव झा ने सक्सेना की आलोचना करते हुए कहा कि उनका काम कानून एवं व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखना है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में कानून एवं व्यवस्था की हालत खराब है, मादक पदार्थ खुलेआम बिक रहे हैं और डीडीए की निष्क्रियता के कारण तेजी से जमीन पर कब्जे हो रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने एलजी मामले पर जवाब देते हुए कहा कि रविवार को एलजी ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी। एलजी की वह चिट्ठी मुख्यमंत्री को नहीं मिली क्योंकि वह सीबीआइ मुख्यालय में थे। दूसरी तरफ यह चिट्ठी मीडिया को दे दी गई। आखिर एलजी दफ्तर से कौन यह चिट्ठी लीक कर रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए। वो चिट्ठी सीक्रेट थी, इसके बाद भी वो लीक हो गई। भाजपा को उसका कंटेंट कैसे मिला। एलजी कह रहे हैं कि विधानसभा अध्यक्ष भी सदन की बैठक नहीं बुला सकते हैं। भारद्वाज ने कहा कि एलजी की समस्या यह है कि बिना उनके कहे सदन की यह बैठक क्यों बुलाई गई। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार की सिफारिश पर स्पीकर कभी भी सदन की बैठक बुला सकते हैं। विधानसभा ही एलजी हाउस, सभी विधायकों और बाबुओं को तनख्वाह देती है। दूसरी तरफ विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर विपक्ष के सदस्यों ने आपत्ति जताई।

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