Sunday, February 25, 2024
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देश को आर्थिक मजबूती प्रदान करता एचएमए ग्रुप

-फ्रोजन मीट की अत्याधुनिक मशीनें स्थापित कर एशिया में प्रथम स्थान बनाया
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ,सबका विकास को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर भारत का एचएमए ग्रुप कदम दर कदम मुल्क की तरक्की में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए अत्याधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल कर विदशी पूंजी अर्जित करने में अहम भूमिका अदा कर रहा है. इसी क्रम में एचएमए ग्रुप ने अत्याधुनिक तकनीकी की विदशी मशीनों को हरियाणा के फिरोजपुर झिरका क्षेत्र में स्थापित कर एशि या में नया कीर्तिमान कायम कर लिया है.फिरोजपुर झिरका हरियाणा राज्य के मेवात जिले में स्थित एक नगर है। यूनाइटेड फॉर्म्स प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड के नाम से विख्यात इस स्लॉटर हाउस में विदश ों से आयातित अत्याधुनिक तकनीकी की मशीनों के उपयोग से न सिर्फ मांस निर्यात के क्षेत्र में एचएमए ग्रुप अग्रणी श्रेणी में आकर खड़ा हो गया है बल्कि देश को आर्थिक तौर पर विदेश ी पूंजी अर्जित कर मजबूती प्रदान कर रहा है।
ग्रुप के प्रेसिडेंट मोहम्मद अदनान का मानना है कि फ्रोजन मीट के कारोबार में इन आयातित विदेशी मशीनों की वजह से मीट को उच्चकोटि का बनाए रखने और इसके निर्यात में काफी तेजी आ गई है। निर्यात के क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकार की दूरदर्शिता पूर्ण नीति के कारण भी फ्रोजन सब्जी व फल और मीट कारोबार में इजाफा हो रहा है। गौरतलब है कि यूनाइटेड फार्म प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड 21 मई 2018 को निगमित एक निजी कंपनी है। इसे गैर-सरकारी कंपनी के रूप में वर्गीकृत किया गया है और यह रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज, कानपुर में पंजीकृत है। इसके साथ ही साथ भारतीय मीट कारोबारी मीट के साथ-साथ अब एग्रो प्रोडक्ट्स में भी दिलचस्पी लेने लगे हैं क्योंकि देसी और विदेश ी बाजारों में फ्रोजन सब्जियों की मांग बढ़ने से इन कारोबारियो ने फल और सब्जियों की तरफ भी अपना कदम बढ़ा दिया है. जिसकी वजह से अब इन कारोबारियों को पहले से ज्यादा विदेश ी पूंजी अर्जित करने की संभावना नजर आने लगी है. हालांकि देसी और विदेश ी बाजारों में फ्रोजन मीट की मांग पहले की तरह बनी हुई है. जिसकी वजह से भारत को आज भी इस ट्रेड से अच्छी खासी विदेशी मुद्रा अर्जित हो रहा है और इस व्यापार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिला हुआ है.
इसी कड़ी में विदेश ों में फ्रोजन फ्रूट और वेजिटेबल्स की मांग दिन प्रतिदिन बढ़ने के कारण मीट कारोबार से जुड़े एक्सपोर्टर एचएमए ग्रुप भी मीट कारोबार के साथ-साथ एग्रो प्रोडक्ट्स का निर्यात करने लगा है. हालांकि दुनिया भर के देश ों में भारतीय फ्रोजन मीट की डिमांड अभी भी पहले की तरह है लेकिन एग्रो प्रोडक्ट्स की भी मांग कम नहीं है. फ्रोजन मीट एक्सपोर्टर्स के बीच भारत में तीसरा स्थान रखने वाला एचएमए ग्रुप ने कई दश क पहले ऐतिहासिक ताज नगरी यानी आगरा में बहुत छोटे स्तर पर मीट का कारोबार षुरू किया था. लेकिन कुछ ही समय में इनका कारोबार दिन प्रतिदिन बढ़ता गया और आज यह कारोबार यूरोप, मिडिल ईस्ट के देशों और अफ्रीका से लेकर एशि या के 5 महाद्वीप में फैल चुका है. इस तरह भारत जहां दुनियाभर के देश ों में मीट के कारोबार में तीसरे नंबर पर स्थान रखता है वही भारत में मीट के कारोबार में तीसरे स्थान पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाला एचएमए ग्रुप ने अपने कारोबार का विस्तार कर फिश रीज, पोल्ट्री प्रोडक्ट्स से लेकर एग्रो प्रोडक्ट तक में अपना विस्तार कर दिया।
एग्रो प्रोडक्ट्स मीट कारोबार की वजह से भारत में हजारों की तादाद में लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जहां रोजगार मिल रहा है वही देश को अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए विदेशी पूंजी का अर्जन हो रहा है.एचएमए ग्रुप के प्रेसिडेंट मोहम्मद अदनान की माने तो कंपनी ने 25000 से ज्यादा लोगों को जहां रोजगार मुहैया किया है वही अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को इसका लाभ पहुंच रहा है। ग्रुप की कोशि श है कि व्यापार से ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका फायदा पहुंचे और उन्हें रोजगार के साथ-साथ देश को आर्थिक रूप से और भी ताकतवर बनाया जा सके. वह कहते हैं कि विभिन्न उत्पादों के एक्सपोर्ट में सरकार का सकारात्मक सहयोग ने एक्सपोर्टर्स के हौसले बुलंद कर दिए हैं। एचएमए ग्रुप ने करीब छह दश क पहले मांस निर्यात के कारोबार में कदम रख जब आगे बढ़ा तो उसने सोचा भी नहीं था कि वह एक दिन भारत के विदेश ी कारोबार में महत्वपूर्ण योगदान करेगा. करीब 2000 करोड़ों रुपए का वार्शिक कारोबार करने वाला एचएमए ग्रुप ने आज,42 देश ों में न सिर्फ मीट का कारोबार बल्कि एग्रो प्रोडक्ट में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा दी है. फ्रोजन मीट के कारोबार में कामिल, ब्लैक गोल्ड और एचएमए के नाम से ग्रुप की विदेश ों में पहचान आज बन चुकी है और इसी तरह की पहचान फ्रोजन फ्रूट और वेजिटेबल की दुनिया में भी बनने की ओर अग्रसर है.
एचएमए ग्रुप का दावा है कि मीट प्रोसेसिंग यूनिट के स्लॉटरहाउसेस अत्याधुनिक तकनीकी का होने के साथ-साथ 27000 मेट्रिक टन मीट की क्षमता रखता है. भारत सरकार द्वारा अधिकृत स्टार कैटेगरी के एचएमए ग्रुप ने मलेशि या, इंडोनेशि या, यूएई, इराक,सऊदी अरब,यमन, बहरीन, जॉर्डन,अल्जीरिया,इजिप्ट, अंगोला, वियतनाम और जॉर्जिया यूरोप व अमेरिका और अन्य मध्य पूर्व देश ों और अफ्रीका तक में अपना कारोबार का विस्तार कर चुका है.
एचएमए ग्रुप के प्रेसिडेंट मोहम्मद अदनान का कहना है कि अनुभवी टीम की वजह से पालतू जानवरों के भोज्य सामग्री आदि के क्षेत्र में भीअपनी अलग पहचान बना चुका है. आज दुनिया भर के देश ों में पेट्स केयर महत्वपूर्ण व्यवसाय बन चुका है. बहुत सारे लोग खुद से ज्यादा अपने पेट्स को स्वस्थ और सेहतमंद रखने के लिए हरसंभव प्रयास करते हैं इसके लिए अब उन्हें इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा. एचएमए ग्रुप अब अंडर वन अंब्रेला की थ्योरी पर लोगों के इस डिमांड को पूरी करने की कोशि श की है ताकि उन्हें पेट्स के हेल्थ सप्लीमेंट वगैरह आसानी से मिल सके. प्रोडक्ट्स की क्वालिटी मेंटेन रखने के लिए एक्सपीरियंस एक्सपर्ट की मदद ली जाती है. ताकि किसी को किसी तरह की शि कायत न रहे. यही वजह है कि कंपनी को एफएसएससी, एचएसीसीपी,आइएसओ 22000, जीएमपी और जीएचपी जैसे सर्टिफिकेट से नवाजा जा चुका है.
अपने कामों के प्रति समर्पित ग्रुप ने एग्रो प्रोडक्ट के क्षेत्र में राश्ट्रीय और अंतरराश्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण तरक्की की है. कंपनी का दावा है कि बेहतरीन किस्म के ग्रीन गोल्ड राइस की पैदावार और मार्केटिंग ने उन्हें इस क्षेत्र में लीडर के रूप में जगह दी हैं. बासमती चावल और गैर बासमती चावल दोनों की ही अच्छी डिमांड है. इस डिमांड की पूर्ति के लिए यह ग्रुप ने आम लोगों के बीच जहां अपना भरोसा कायम किया है वही मूल्यों और क्वालिटी पर भी पूरी तरह से नियंत्रण रखा है ताकि किसी को किसी तरह की शि कायत ना रह जाए और यही वजह है कि आज यह ग्रुप एग्रो प्रोडक्ट के क्षेत्र में राश्ट्रीय और अंतरराश्ट्रीय स्तर पर दिन प्रतिदिन आगे बढ़ता जा रहा है. एग्रो प्रोडक्ट की वजह से जहां भारी संख्या में लोगों को रोजगार मुहैया किया है वही इसके निर्यात से विदेश ी पूंजी अर्जित कर देश की तरक्की में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है.
एचएम ए ग्रुप अपने सहयोगी मुंबई स्थित गौसिया कोल्ड स्टोरेज के माध्यम से सीफूड बिजनेस में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है. फिश री उद्योग में फ्रेश , चिल्ड और फ्रोजन फिश के लिए यह ग्रुप सीफूड और एक्वाकल्चर के द्वारा फ्रेश गोल्ड और जुल्फी ब्रॉस ब्रांड के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुका है. सीफूड एक्सपोर्ट की दुनिया में एचएमए ग्रुप भारतीय बाजार के अलावा दक्षिण अफ्रीका के देश और एशि या से लेकर यूरोप तक अपना पैर पसार चुका है. आज गौसिया कोल्ड स्टोरेज खासतौर पर सीफूड के लिए पसंदीदा स्थान देश और विदेश के लिए बन चुका है जहां लोगों की डिमांड उनके पसंद के हिसाब से पूरी की जाती है और इन सब के लिए क्वालिटी और कमिटमेंट का पूरा ध्यान रखा जाता है। एचएमए ग्रुप का दावा है कि लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अंतरराश्ट्रीय स्तर का आईएसओ 9001 एफएसएससी 22000 आइएससो 14001 और एचएसीसीपी सर्टिफिकेश न के साथ-साथ प्रोडक्ट की जांच के लिए प्रयोगश ाला भी स्थापित कर रखी है ताकि प्रोडक्ट की गुणवत्ता बनाए रखा जा सके और राश्ट्रीय व अंतरराश्ट्रीय स्तर पर कंपनी की साख बनी रहे. यही वजह है कि आज दुनिया के तमाम देश ों में ग्रुप का नाम अग्रिम पंक्ति में षामिल है. ग्रुप का दावा है कि मीट-मछली हो या फिर एग्रो प्रोडक्ट्स, इन सभी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए बकायदा इनकी टेस्टिंग लैबोरेट्रीज में की जाती है टेस्ट के उपरांत खरे उतरने के बाद ही प्रोडक्ट को बाजार में उतारा जाता है.भारत सरकार के मापदंड के अनुरूप प्रत्येक प्लांट में लैबोरेट्री स्थापित की गई है ताकि अंतर्राश्ट्रीय मापदंड पर प्रोडक्ट की जांच पड़ताल की जा सके. मुर्गी पालन के क्षेत्र में भी हाई क्वालिटी के पोल्ट्री फीड सप्लीमेंट तैयार किया जाता है और इसे वाणिज्यिक स्तर पर सप्लाई भी किया जा रहा है. इसके लिए वर्ल्ड क्लास के रेंडरिंग प्लांट स्थापित किए गए. इन प्लांट्स की मदद से मीट, फिश रीज और अन्य प्रोडक्ट को भी भली-भांति परखा जाता है दुनिया भर में फैली महामारी कोविड-19 के दौरान भी कंपनी ने राश्ट्रीय और अंतरराश्ट्रीय स्तर पर प्रोडक्ट की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अपने 25000 कर्मचारियों की फौज मैदान में उतार रखा था. अनुभवी विश ेशज्ञों की टीम बकायदा प्रोडक्ट की जांच करती और फिर सरकारी मापदंड के अनुरूप अपने प्रोडक्ट को राश्ट्रीय और अंतरराश्ट्रीय बाजार में भेजने का काम किया. जिसकी वजह से कोविड-19 बीमारी के दौरान न सिर्फ आम लोगों की इस तरह मदद की जा सकी बल्कि लोगों के लिए रोजगार के अवसर बनाए रखने में मदद की. ताकि कोविड-19 जैसी महामारी से लड़ा जा सके. गौरतलब है कि देश के तीसरे नंबर का मीट निर्यातक एचएमए ग्रुप 42 देश ों में मीट का कारोबार करता है और अपने 99 तरह के उत्पादों का भी निर्यात करता है. ग्रुप के कर्ताधर्ता पूर्व विधायक जुल्फिकार अहमद भुट्टो है. जुल्फिकार बहुजन समाज पार्टी से विधायक रह चुके हैं. जुल्फिकार अहमद भुट्टो आगरा छावनी विधानसभा से साल 2007 में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े और जीत दर्ज की थी वर्श 2012 और 2017 में चुनाव हार गए थे संयुक्त राष्ट्र के खाद्य व कृषि संगठन (एफएओ) और ऑर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (ओईसीडी) की रिपोर्ट के अनुसार भारत बीफ निर्यात के मामले में विष्वस्तर पर तीसरे स्थान पर है. इस सूची में ब्राजील पहले और ऑस्ट्रेलिया दूसरे स्थान पर हैं. रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 2016 में भारत ने 3,63,000 टन बीफ आयात किया था. साल 2016 में विष्व भर में कुल एक करोड़, 9 लाख 50 हजार टन बीफ का निर्यात 10.95 मिलियन टन हुआ जिसके 2026 तक एक करोड़ 24 लाख 30 हजार टन होने का अनुमान है. क्योंकि एचएमए ग्रुप ने अब स्लॉटर हाउस के लिए विदेशों से आयातित अत्याधुनिक तकनीकी की फ्रोजन मश ीनें स्थापित कर दिया है. यह फ्रोजन मशीनें न सिर्फ भारत में बल्कि एशि या में अपने तरह की नई तकनीकी पर आधारित मशीनें है।

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