Friday, March 1, 2024
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समीक्षा बैठकों में एमसीडी के स्कूलों की बदहाली भाजपा के नाकामियों को कर रही उजागर: आतिशी

-शिक्षा मंत्री आतिशी और मेयर शैली ओबरॉय की अध्यक्षता में एमसीडी के स्कूलों में सुधार लाने के शिक्षा अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक
नई दिल्ली। दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी व मेयर शैली ओबरॉय की अध्यक्षता में एमसीडी के स्कूलों की समस्याओं को जानने के लिए अधिकारीयों के साथ समीक्षा बैठक की गई। इस समीक्षा ने साफ कर दिया कि कैसे एमसीडी स्कूल बदहाली से जूझ रहे है और पिछले डेढ़ दशक में उनकी बेहतरी पर कभी भी ध्यान नहीं दिया गया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि एमसीडी की समीक्षा बैठकों के साथ रोजाना एमसीडी में भाजपा के 15 सालों की नाकामियां जग जाहिर हो रही है। आज एमसीडी स्कूलों की जो दुर्दशा है उससे साफ हो रहा है कि भाजपा शिक्षा के प्रति कितनी असंवेदनशील है। उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठकों में एमसीडी के स्कूलों की बदहाली भाजपा के नाकामियों को उजागर कर रही है। लेकिन अब एमसीडी स्कूलों के बदहाली के दिन छटने वाले है और हम अपना वादा निभाते हुए इन स्कूलों को शानदार बनायेंगे और हर बच्चे तक क्वालिटी एजुकेशन पहुंचाएंगे। मेयर शैली ओबरॉय ने कहा कि शिक्षा कभी भी भाजपा की प्राथमिकता नहीं रही। इसका जीता-जागता उदाहरण एमसीडी के स्कूल है। पर अब हम इन स्कूलों की बेहतरी के लिए काम करेंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि भाजपा ने एमसीडी के अपने 15 सालों के शासन में शिक्षा पर कोई काम नहीं किया। इसका आलम ये है कि आज भी एमसीडी के सैकड़ों स्कूल बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे है। स्कूलों की बिल्डिंग जर्जर है, फर्श टूटे हुए है, क्लासरूम कबाडखाना बने हुए है, दीवारों पर मकड़ी के जाले लगे हुए है, कई स्कूलों में बरसात में छत टपकती है तो कई जगह छत ही नदारद है। स्कूलों में डेस्क नहीं है, पीने का पानी नहीं है, शौचालय बदहाल हैद्य एमसीडी का शिक्षा विभाग स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है। स्कूल में शिक्षकों की कमी है, सफाई-कर्मचारियों की कमी है, सिक्योरिटी गार्ड नहीं है। भाजपा पिछले 15 सालों में बुनियादी सुविधाएँ ही नहीं दे सकी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि एमसीडी के स्कूलों में 9 लाख से ज्यादा बच्चे पढ़ते है लेकिन इनके भविष्य को लेकर इनकी पढाई को लेकर पिछली सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया।
इस मौके पर मेयर शैली ओबरॉय ने कहा कि शिक्षा कभी भी भाजपा की प्राथमिकता नहीं रही। अगर ऐसा होता तो आज एमसीडी के स्कूलों का इतना बुरा हाल नहीं होता। एमसीडी स्कूलों में पीने का पानी नहीं, बच्चों के लिए डेस्क नहीं, शौचालयों का हाल बदहाल इन्हें सुधारने पर पहले कभी ध्यान नहीं दिया गयाद्य उन्होंने कहा कि दिल्ली के लाखों पेरेंट्स ने भरोसा जताते हुए अपने बच्चों को एमसीडी के स्कूलों में पढने के लिए भेजा लेकिन भाजपा ने उन पेरेंट्स के विश्वास को तोडा और उन्हें धोखा दियाद्य लेकिन अब हम पेरेंट्स के विश्वास को वापिस बहाल करने का काम करेंगे। डिप्टी मेयर आले मोहम्मद इकबाल ने कहा कि, दिल्ली के लोगों ने हमपर भरोसा दिखाया है। अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए उन्होंने हमें चुना है तो हम अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाएंगे। हम अपने अधिकारियों के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर समस्याओं को समझेंगे और उसे दूर करने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने एमसीडी के स्कूलों के लिए जो विजन रखा हम उसे पूरा करेंगे। दिल्ली सरकार के स्कूलों के अनुभवों से सीखते हुए हम एमसीडी के स्कूलों में पढ़ रहे हर बच्चे के लिए क्वालिटी एजुकेशन सुनिश्चित करेंगे।

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