Friday, March 1, 2024
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Homeजनमंचमसला गीता प्रेस का नहीं बल्कि 'गीता' का है : सुधांशु

मसला गीता प्रेस का नहीं बल्कि ‘गीता’ का है : सुधांशु

नई दिल्ली| गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार दिए जाने की कांग्रेस द्वारा की जा रही आलोचना की निंदा करते हुए भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा है कि यहां मसला गीता प्रेस का नहीं, बल्कि गीता (धार्मिक पुस्तक) का है और भारतीय संस्कृति एवं हिंदुत्व का विरोध करना कांग्रेस की खानदानी आदत रही है जो जवाहर लाल नेहरू के समय से चली आ रही है। भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पूर्व की अमेरिकी यात्रा में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को गीता भेंट की थी, उस समय भी इसका विरोध किया गया था।

भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि महात्मा गांधी ने स्वयं गीता प्रेस को पत्र लिखकर तारीफ की थी। उन्होंने यह भी कहा कि महात्मा गांधी के कहे अनुसार गीता प्रेस आज भी विज्ञापन नहीं लेता है। उन्होंने कांग्रेस के विरोध पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस यह बताए कि वह आज गांधी के कितने विचारों के साथ हैं। त्रिवेदी ने आगे कहा कि मुस्लिम लीग सेक्युलर है और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ साम्प्रदायिक है, यह कांग्रेस का कोई आज का एजेंडा नहीं है बल्कि यह उसका खानदानी एजेंडा है जो जवाहर लाल नेहरू के समय से ही चला आ रहा है।

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