Saturday, March 2, 2024
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महिला एवं बाल विकास मंत्री आतिशी ने निरीक्षण की श्रृंखला जारी रखते हुए कोंडली स्थित केजरीवाल सरकार के सेंट्रलाइज्ड आंगनवाडी किचन का निरीक्षण किया

नई दिल्ली| महिला एवं बाल विकास मंत्री आतिशी ने निरीक्षण की श्रृंखला को जारी रखते हुए सोमवार सुबह 7 बजे पूर्वी दिल्ली में कोंडली स्थित एक सेंट्रलाइज्ड आंगनवाडी किचन का निरीक्षण किया| यहाँ उन्होंने खाना बनाने में इस्तेमाल हो रहे अनाज व अन्य सामग्रियों की जांच की| निरीक्षण के दौरान डब्ल्यूसीडी मंत्री आतिशी ने स्वयं खाकर खाने की गुणवत्ता की भी जांच की|

इस मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री आतिशी ने कहा कि, केजरीवाल सरकार दिल्ली में हर जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों तक पौष्टिक आहार पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है| इस दिशा में सरकार 11 सेंट्रलाइज्ड किचनों के जरिए प्रतिदिन दिल्ली भर में 8 लाख बच्चों और महिलाओं तक पौष्टिक पका खाना और टेक होम राशन (टीएचआर) पहुँचाने का काम कर रही है| उन्होंने कहा कि इन किचनों के जरिए हम गर्भवती महिलाओं, लैकटिंग माताओं और आँगनवाडियों में आने वाले 6 माह से 3 साल तक के बच्चों को बेहतर पोषण देने का काम कर रहे है| और इस दिशा में ये सेंट्रलाइज्ड किचन अहम् भूमिका निभा रहे है|

बता दे कि कोंडली,घरौली स्थित ये सेंट्रलाइज्ड किचन अत्याधुनिक मशीनों से लैस है| यहाँ किचन को तीन हिस्सों में बांटा गया है| इसके पहले हिस्से में अनाज के भण्डारण के लिए गोदाम है| दूसरे हिस्से में एक फुल आटोमेटिक मशीन है जो अनाज को साफ़ करने से लेकर की पैकेजिंग का काम बिना किसी ह्यूमन टच के पूरा करती है| इसमें शिशुओं और गर्भवती महिलाओं व लैक्टिक माताओं के लिए टेक होम राशन जिसमें अनकुक्ड पैक्ड पंजीरी और खिचड़ी प्रीमिक्स शामिल है तैयार किया जाता है। किचन के तीसरे और अंतिम हिस्से में खाने को पकाने का काम किया जाता है| इस हिस्से में बड़े मैकेनाईज्ड कंटेनर है जहाँ प्रतिदिन मेन्यू के अनुसार खाना पकाया जाता है, खाने की जांच की जाती है और उसे पैक कर पूर्वी दिल्ली जिला के 604 आँगनवाडियों में पहुँचाया जाता है साथ ही बैच नंबर द्वारा किचन से आंगनवाड़ी तक खाना पहुँचाने के दौरान उसकी निगरानी भी की जाती है|

डब्ल्यूसीडी मंत्री आतिशी ने साझा करते हुए कहा कि, केजरीवाल सरकार के इस सेंट्रलाइज्ड किचन के जरिये पूर्वी दिल्ली के 604 आँगनवाडियों में आने वाले 43,000 से अधिक बच्चों व गर्भवती महिलाओं तक मुफ्त पौष्टिक आहार पहुंचाने का काम किया जाता है| साथ ही ये किचन प्रतिदिन अत्याधुनिक मशीनों के द्वारा जीरो ह्यूमन टच के साथ 6 माह से 3 साल तक के 22,000 बच्चों तथा 7000 से ज्यादा महिलाओं के लिए टेक होम राशन तैयार किया जाता है| इसमें बच्चों के लिए पैक्ड पंजरी व गर्भवती महिलाओं और लैकटिक माताओं के लिए पैक्ड खिचड़ी प्रीमिक्स व सत्तू शामिल है|

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के साथ हमारा उद्देश्य हर जरूरतमंद बच्चों और माताओं तक पौष्टिक आहार पहुंचाना है ताकि विकासात्मक और महत्वपूर्ण सालों में उन्हें हर जरुरी पोषण मिल सके| उन्होंने कहा कि जन्म लेने से लेकर शुरूआती कुछ साल बच्चों के जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते है ऐसे में उनकी नींव मजबूत हो और सही गति में शारीरिक और मानसिक विकास हो इस दिशा में सरकार हर जरुरी कदम उठा रही है|

बता दे कि इस किचन में खाने की गुणवत्ता की जांच हर स्तर पर की जाती है और खाने की क्वालिटी के साथ कोई समझौता नहीं किया जाता है| साथ ही साफ़-सफाई संबंधित सभी नियमों का भी कड़ाई के साथ पालन किया जाता है| किचन में काम करने वाले हर वर्कर के लिए शू कवर-मास्क, ग्लव्स पहनना ज़रूरी है|

निरीक्षण के दौरान मंत्री आतिशी ने ख़ुद खाकर खाने की गुणवत्ता की जाँच की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि लाभार्थियों के साथ सर्वे करते हुए उनके सुझावों के अनुसार मेन्यू में समय समय पर बदलाव किया जाए साथ ही उन्होंने किचन में बर्तनों की सफ़ाई के लिए भी ऑटोमैटिक मशीन लगाने के निर्देश दिये।

यहाँ आंगनवाडी वर्कर्स की सराहना करते हुए मंत्री आतिशी ने कहा कि, हमारी आंगनवाडी वर्कर्स का काम सराहनीय है| रोजाना ये सभी हजारों जरुरतमंदों बच्चों और माताओं के लिए पौष्टिक खाना तैयार करती है| उन्होंने कहा कि अपने इस काम के जरिये हमारी आंगनवाडी वर्कर्स स्वस्थ समाज का निर्माण कर रही है

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