Friday, March 1, 2024
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जी-20 के चलते दिल्ली में सुरक्षा चाक चौबंद, चप्पे चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात

होटलों में सुरक्षा सख्त, किसी को आने जाने की इजाजत नहीं

नई दिल्ली। जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली में सुरक्षा चाक चौबंद कर दी गई है। उधर  जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रीय राजधानी में राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधिमंडल के आने का क्रम शुरू हो गया है।जिन होटलों में मेहमान आ गए हैं, वहां सुरक्षा का पहरा और सख्त कर दिया गया है। सुरक्षा का पहला घेरा संबंधित देश के राष्ट्राध्यक्ष के सुरक्षाकर्मियों का बनाया गया है। उसके बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का पहरा कड़ा कर दिया है। बिना पास के किसी को भी होटल में आवाजाही की इजाजत नहीं दी जा रही है। महीनों से चल रही तैयारियों के बाद G-20 शिखर सम्मेलन के लिए आगंतुकों का आना शुरू हो गया है। इसी के साथ होटलों में सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया गया है। जिन होटलों में राष्ट्राध्यक्ष ठहरेंगे या आ गए हैं, वहां किसी अन्य के आने जाने की इजाजत नहीं है। कई होटलों में अब भी पर्यटक ठहरे हुए हैं उनको होटल की बुकिंग दिखाने पर ही आने जाने की इजाजत है। वहीं, आज रात 12 बजे से नई दिल्ली क्षेत्र के होटलों में पहले से ठहरे पर्यटक कहीं भी सामान्य तौर पर घूमने नहीं जा सकेंगे यानी उन्हें होटले के अंदर ही रहना होगा। कई होटलों में ऐसे लोग हैं जो वर्षों या महीनों से एक ही होटल में रहते हैं, उन्हें होटल वालों ने रहने दिया है। लेकिन, जब भी राष्ट्राध्यक्ष या संबंधित प्रतिनिधिमंडल का आना जाना होगा तो वे अपने कमरे में ही नजरबंद रहेंगे।

इस दौरान नाश्ता, खाना भी वे अपने कमरे में ही करेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से होटलों के अंदर एआइ वाले कैमरे बड़ी संख्या में लगाए गए हैं। इन कैमरों की खासियत है कि हर छोटी बड़ी हरकत को तुरंत कैप्चर कर लेते हैं। इससे सुरक्षा एजेंसियों को नजर रखने में आसानी रहती है। मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला टीनूबू नई दिल्ली क्षेत्र में ली मेरिडियन होटल में ठहरे हैं वहां सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया गया है। उनके सुरक्षा के लिए पहला घेरा नाइजीरिया के सुरक्षाकर्मियों का है। जिस फ्लोर पर उनका कमरा है वहां किसी अन्य के आने जाने की इजाजत नहीं है। उस क्षेत्र में आने जाने के लिए सीमित स्टाफ को ही इजाजत है।

उनकी सघन जांच के बाद जाने दिया जा रहा है। उसके बाद का घेरा केंद्रीय एजेंसियों के कमांडो का है। सबसे आखिरी घेरा होटल के लाउंज से लेकर बाहर तक दिल्ली पुलिस का है। सुरक्षा के लिहाज से यहां रायसीना रोड से प्रेस क्लब तक की सड़क को बंद कर दिया गया है। प्रतिनिधिमंडल के कहीं आने जाने पर ही खोला जाएगा।

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